विस्तृत उत्तर
होलिका भस्म माथे पर:
- 1शुद्धि: पवित्र अग्नि (बुराई जलाने वाली) की भस्म = शुद्धतम। माथे = शरीर-मन शुद्धि।
- 2बुराई नाश: होलिका जली → भस्म = 'मेरी बुराई भी भस्म हो।'
- 3शिव सम्बंध: भस्म = शिव प्रिय (भस्मधारी)।
- 4औषधिमय (लोक): गोबर + समिधा राख = त्वचा/नजर निवारण।
विधि: अगली प्रातः → ठंडी भस्म एकत्रित → माथे तिलक → 'ॐ'। शुद्ध भस्म (प्लास्टिक रहित)।




