शुक्रवार को पीले वस्त्र पहनकर, लक्ष्मी जी को कमल-गुलाब अर्पित करें, सिंदूर-कुमकुम लगाएं, श्री सूक्त पाठ करें और 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का 108 बार जप करें। वैभवलक्ष्मी व्रत 11 या 21 शुक्रवार तक करें।
1वैभवलक्ष्मी व्रत: 11 शुक्रवार या 21 शुक्रवार लगातार
2सामान्य शुक्रवार पूजा: प्रत्येक शुक्रवार को नित्य पूजा
3संकट मोचन: 7 शुक्रवार किसी विशेष मनोकामना के लिए
4ब्रह्ममुहूर्त में उठें
5स्नान करके पीत (पीले) या श्वेत वस्त्र धारण करें
6पूजा स्थान पर लक्ष्मी जी का चित्र/प्रतिमा स्थापित करें