की चेकलिस्ट
तीन ऋण = (1) देव ऋण (2) ऋषि ऋण (3) पितृ ऋण। महर्षियों ने तीनों से उऋण होने का कठोर विधान दिया। पितृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र शास्त्र-सम्मत मार्ग = श्राद्ध कर्म।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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