बाधा-मुक्ति मंत्र: महामृत्युंजय (सर्वश्रेष्ठ — 108/1008 जप), नवार्ण मंत्र (तांत्रिक बाधा), काल भैरव (भूत बाधा), हनुमान/बजरंग बाण (तत्काल प्रभावी), प्रत्यंगिरा (अभिचार पलटवार — गुरु-दीक्षा चाहिए), सुदर्शन, दुर्गा कवच। नियम: नित्य एक समय, रक्षात्मक भाव।
- 1जप संख्या: 108/1008/1,25,000
- 2सर्वप्रकार की बाधा, रोग, भय, और मृत्यु-भय से रक्षा
- 3ऋग्वेद और यजुर्वेद दोनों में वर्णित
- 4जप: 108 बार नित्य
- 5तांत्रिक बाधा और शत्रु बाधा में अत्यन्त प्रभावी
- 6जप: 108 बार
- 7भूत-प्रेत बाधा और तांत्रिक अभिचार से रक्षा
- 8शनिवार/मंगलवार रात्रि विशेष
- 9सभी बाधाओं में तत्काल प्रभावी
- 10हनुमान चालीसा और बजरंग बाण सरलतम विकल्प
- 11अभिचार (काले जादू) के विपरीत प्रभाव — पलटवार मंत्र
- 12केवल गुरु-दीक्षा से जपें
- 13विष्णु के सुदर्शन चक्र का मंत्र — सर्वबाधा कटक
- 14नित्य 108 बार जप — सभी प्रकार की बाधाओं से स्वतः रक्षा
- 15प्रातःकाल या सायंकाल
- 16स्नान कर शुद्ध वस्त्र में बैठें
- 17रुद्राक्ष या तुलसी माला से जप
- 18पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख
- 19नित्य एक ही समय पर जप करें