सरसों तेल: शनि शांति दीपक (शनिवार, पीपल/शनि मंदिर), नजर उतारना (तेल+राई+नमक+मिर्च → अग्नि), शरीर लेपन (रक्षा), हनुमान पूजा, नकारात्मकता निवारण। सात्त्विक: शनिवार दीपक + हनुमान तेल। उन्नत = गुरु आवश्यक।
- 1शनि शांति दीपक: सरसों तेल शनि ग्रह से सम्बद्ध है। शनिवार को पीपल के नीचे या शनि मंदिर में सरसों तेल का दीपक जलाना = शनि दोष शांति का सर्वाधिक प्रचलित उपाय।
- 2नजर/दृष्टि दोष निवारण: सरसों तेल + राई (सरसों के बीज) + नमक + लाल मिर्च — इन्हें सिर से उतारकर अग्नि में डालना = नजर उतारने की लोक-तांत्रिक विधि। सरसों = उग्र ऊर्जा — नकारात्मकता को तोड़ती है।
- 3रक्षा कवच: सरसों तेल का शरीर पर लेपन (विशेषतः तलवों, माथे पर) = बाह्य नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा (लोक मान्यता)।
- 4हनुमान पूजा: हनुमान जी को सरसों/चमेली तेल अर्पित किया जाता है। हनुमान = शनि रक्षक — सरसों तेल = दोनों की प्रसन्नता।
- 5भूत-प्रेत निवारण (लोक मान्यता): सरसों तेल का दीपक = नकारात्मक शक्तियों को दूर भगाता है। अमावस्या/शनिवार को घर के बाहर सरसों तेल दीपक जलाना।