की चेकलिस्ट
यंत्रासन: ताँबे/चाँदी/भोजपत्र यंत्र को आसन में रखकर बैठकर जप। यंत्र ऊर्जा सीधे शरीर में। श्रीयंत्र/देवता यंत्र। प्राण प्रतिष्ठित हो, गुरु आदेश अनिवार्य, अशुद्ध अवस्था वर्जित। वैकल्पिक: यंत्र सामने रखकर ध्यान + जप। उन्नत साधना — सामान्य भक्तों हेतु नहीं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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