देवता-अनुसार तंत्र-पुष्प: काली (लाल गुड़हल — सर्वप्रिय, लाल कनेर), भैरव (नीले कनेर, अपराजिता, धतूरा), त्रिपुरसुंदरी (कमल, मोगरा, कुंद), तारा (नीलकमल, अपराजिता), बगलामुखी (पीला पुष्प — केवल पीला), धूमावती (सफेद)। नियम: ताजे, पूर्ण खिले, स्वयं तोड़े। मंत्र सहित अर्पण।
- 1पुष्प देवता की प्रीति और साधना की शक्ति-वर्धन के लिए। तंत्र में विशेष रूप से देवता-अनुकूल पुष्प दें।
- 2जपापुष्प (लाल गुड़हल) — काली का सर्वप्रिय पुष्प
- 3लाल कनेर (करवीर) — शक्ति-साधना में
- 4रक्त-कमल — उपलब्ध हो तो श्रेष्ठ
- 5वर्जित: सफेद पुष्प
- 6नीले कनेर (नीला करवीर)
- 7अपराजिता (नीला फूल)
- 8धतूरा-पुष्प — शास्त्रोक्त (परंतु विषैला — सावधानी से)
- 9लाल पुष्प — सामान्यतः
- 10कमल (लाल या सफेद) — सर्वश्रेष्ठ
- 11मल्लिका (मोगरा/जाती) — सुगंधित पुष्प
- 12पाटल (गुलाब-कमल) — त्रिपुरसुंदरी को प्रिय
- 13कुंद — शुद्ध सफेद पुष्प
- 14नीलकमल — श्रेष्ठ
- 15अपराजिता — सुलभ विकल्प
- 16नीले पुष्प — सामान्यतः
- 17लाल गुड़हल, लाल कनेर
- 18उग्र साधना में — रक्त-वर्णी पुष्प
- 19पीले पुष्प — विशेषतः पीली गेंदा और पीला कनेर
- 20महानिर्वाण: बगलामुखी पूर्णतः पीली साधना — पीले वस्त्र, पीला भोग, पीले पुष्प
- 21सफेद या धुएँ-रंग के पुष्प
- 22कुश-पुष्प (यदि उपलब्ध)
- 23वर्जित: सूखे, कीड़े लगे, अधखिले, या दूसरे को दिए पुष्प
- 24श्रेष्ठ: स्वयं तोड़े, ताजे, पूर्ण खिले, एवं सुगंधित पुष्प
- 25संख्या: 5, 7, 11, 21, 108 — विषम या शास्त्र-निर्धारित
- 26समर्पण: 'ॐ [देवनाम] पुष्पं समर्पयामि' — मंत्र सहित
- 27बिना पुष्प के: अक्षत (अखण्ड चावल) पुष्प-स्थान पर स्वीकार्य