की चेकलिस्ट
वामन द्वादशी: भाद्रपद शुक्ल 12। वामन अवतार = बलि से तीन पग दान। विधि: वामन प्रतिमा → षोडशोपचार → 'ॐ नमो भगवते वामनाय' → कथा पाठ → छत्र (छाता) दान विशेष → ब्राह्मण बालक पूजन-भोज। दान = बलि की महिमा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।