8 प्रकार (मनुस्मृति): ब्रह्म (सर्वोत्तम), दैव, आर्ष, प्राजापत्य (शुभ); गांधर्व (प्रेम), आसुर (धन — निंदित); राक्षस, पैशाच (सर्वाधिक निंदित)। आज: ब्रह्म+गांधर्व प्रचलित।
- 1ब्रह्म — पिता कन्या को वेदज्ञ वर को दान (सर्वोत्तम)
- 2दैव — यज्ञ में ऋत्विज (पुरोहित) को कन्यादान
- 3आर्ष — वर से गो-मिथुन (गाय+बैल) लेकर कन्या देना
- 4प्राजापत्य — 'धर्म पालन करो' कहकर कन्या देना
- 5गांधर्व — वर-कन्या परस्पर प्रेम+सहमति (love marriage)
- 6आसुर — वर धन देकर कन्या खरीदे (निंदनीय)
- 7राक्षस — बलपूर्वक कन्या हरण (युद्ध बाद)
- 8पैशाच — सोती/बेहोश कन्या (सर्वाधिक निंदित)