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2026 · 31 शुभ तिथियाँ

गृहप्रवेश मुहूर्त

नए घर में प्रवेश के शुभ दिन — वैदिक पंचांग अनुसार

31
कुल मुहूर्त
7
शुभ माह
4
चातुर्मास

वर्ष 2026 — मासिक दृश्य

J

जनवरी 2026

Jan 2026
वर्जित

खरमास — गृहप्रवेश मुहूर्त नहीं है।

F

फरवरी 2026

Feb 2026
6 मुहूर्त
2Feb
सोमशुक्ल
शुक्ल षष्ठी
रोहिणी
5Feb
गुरुशुक्ल
शुक्ल नवमी
मघा
6Feb
शुक्रशुक्ल
शुक्ल दशमी
उत्तर फाल्गुनी
12Feb
गुरुकृष्ण
कृष्ण प्रतिपदा
उत्तर फाल्गुनी
16Feb
सोमकृष्ण
कृष्ण पंचमी
अनुराधा
24Feb
मंगलकृष्ण
कृष्ण त्रयोदशी
रेवती
M

मार्च 2026

Mar 2026
5 मुहूर्त
2Mar
सोमशुक्ल
शुक्ल तृतीया
रोहिणी
5Mar
गुरुशुक्ल
शुक्ल षष्ठी
पुष्य
9Mar
सोमशुक्ल
शुक्ल दशमी
उत्तर फाल्गुनी
16Mar
सोमकृष्ण
कृष्ण द्वितीया
अनुराधा
23Mar
सोमकृष्ण
कृष्ण नवमी
श्रवण
A

अप्रैल 2026

Apr 2026
4 मुहूर्त
16Apr
गुरुशुक्ल
शुक्ल तृतीया
रोहिणी
20Apr
सोमशुक्ल
शुक्ल सप्तमी
मघा
24Apr
शुक्रशुक्ल
शुक्ल एकादशी
चित्रा
27Apr
सोमशुक्ल
शुक्ल चतुर्दशी
अनुराधा
M

मई 2026

May 2026
4 मुहूर्त
4May
सोमशुक्ल
शुक्ल सप्तमी
पुष्य
7May
गुरुशुक्ल
शुक्ल दशमी
उत्तर फाल्गुनी
11May
सोमशुक्ल
शुक्ल चतुर्दशी
स्वाति
18May
सोमकृष्ण
कृष्ण षष्ठी
श्रवण
J

जून 2026

Jun 2026
3 मुहूर्त
1Jun
सोमशुक्ल
शुक्ल षष्ठी
मघा
4Jun
गुरुशुक्ल
शुक्ल नवमी
स्वाति
8Jun
सोमशुक्ल
शुक्ल त्रयोदशी
अनुराधा
J

जुलाई 2026

Jul 2026
वर्जित

चातुर्मास प्रारंभ — गृहप्रवेश वर्जित।

A

अगस्त 2026

Aug 2026
वर्जित

चातुर्मास — गृहप्रवेश वर्जित।

S

सितंबर 2026

Sep 2026
वर्जित

चातुर्मास / पितृ पक्ष — गृहप्रवेश वर्जित।

O

अक्टूबर 2026

Oct 2026
वर्जित

चातुर्मास — देवउठनी एकादशी के बाद ही गृहप्रवेश।

N

नवंबर 2026

Nov 2026
5 मुहूर्त
2Nov
सोमशुक्ल
शुक्ल तृतीया
उत्तराषाढ़ा
5Nov
गुरुशुक्ल
शुक्ल षष्ठी
रेवती
20Nov
शुक्रकृष्ण
कृष्ण सप्तमी
मघा
23Nov
सोमकृष्ण
कृष्ण दशमी
स्वाति
30Nov
सोमशुक्ल
शुक्ल तृतीया
श्रवण
D

दिसंबर 2026

Dec 2026
4 मुहूर्त
3Dec
गुरुशुक्ल
शुक्ल षष्ठी
रेवती
7Dec
सोमशुक्ल
शुक्ल दशमी
मृगशिरा
9Dec
बुधशुक्ल
शुक्ल द्वादशी
पुनर्वसु
11Dec
शुक्रशुक्ल
शुक्ल चतुर्दशी
मघा

गृहप्रवेश के शुभ नक्षत्र

रोहिणीमृगशिरापुनर्वसुपुष्यउत्तर फाल्गुनीहस्तचित्रास्वातिअनुराधाउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठारेवती

ये नक्षत्र गृहप्रवेश के लिए सर्वाधिक शुभ माने जाते हैं। इन नक्षत्रों में नए घर में प्रवेश करने से सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।

गृहप्रवेश पूजा विधि

गणेश एवं वास्तु पूजा

सबसे पहले गणेश जी और वास्तु देवता की पूजा करें। नवग्रह पूजन और हवन भी किया जाता है। कलश स्थापना अनिवार्य है।

गृहलक्ष्मी का प्रवेश

गृहलक्ष्मी (पत्नी) दाहिने पैर से सबसे पहले घर में प्रवेश करें। द्वार पर स्वस्तिक, मंगल कलश और बंदनवार लगाएँ।

दूध उफनना एवं तुलसी

चूल्हे पर दूध उबालकर उफनने दें — यह समृद्धि का प्रतीक है। आँगन में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएँ।

गोमाता सेवा

गृहप्रवेश के दिन गोमाता की सेवा और ब्राह्मण भोजन कराना अत्यंत शुभ है। दान-पुण्य से गृह में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में गृहप्रवेश के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
2026 में कुल 31 शुभ गृहप्रवेश मुहूर्त हैं। फरवरी से जून और नवंबर-दिसंबर में नए घर में प्रवेश के लिए शुभ दिन उपलब्ध हैं।
किराये के घर में भी गृहप्रवेश मुहूर्त देखना चाहिए?
हाँ, किराये के घर में भी शुभ मुहूर्त देखकर प्रवेश करना शुभ माना जाता है। वास्तु दोष निवारण के लिए हवन करवाना चाहिए।
क्या शनिवार को गृहप्रवेश कर सकते हैं?
शनिवार को गृहप्रवेश कम शुभ माना जाता है, लेकिन शुभ नक्षत्र और तिथि होने पर किया जा सकता है। सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार सर्वोत्तम हैं।
गृहप्रवेश में कौन से नक्षत्र शुभ हैं?
रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती नक्षत्र गृहप्रवेश के लिए शुभ हैं।
चातुर्मास में गृहप्रवेश क्यों नहीं करना चाहिए?
चातुर्मास (जुलाई-अक्टूबर) में भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं। इस अवधि में मांगलिक कार्य वर्जित हैं। देवउठनी एकादशी के बाद ही गृहप्रवेश शुभ है।

अन्य मुहूर्त