लोक'कृतक', 'अकृतक' और 'कृतकाकृतक' लोकों में क्या अंतर है?कृतक लोक (त्रैलोक्य) विनाशी हैं, अकृतक (जनलोक से सत्यलोक तक) नित्य हैं। महर्लोक कृतकाकृतक है — नैमित्तिक प्रलय में भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है।#कृतक#अकृतक#कृतकाकृतक
लोकमहर्लोक प्रलय में नष्ट क्यों नहीं होता जबकि भुवर्लोक नष्ट हो जाता है?भुवर्लोक कृतक (नश्वर) है इसलिए प्रलय में नष्ट होता है। महर्लोक अकृतक है — अग्नि उसे जला नहीं सकती परंतु ताप से भृगु आदि ऋषि वहाँ से जनलोक चले जाते हैं।#महर्लोक
लोककृतक और अकृतक लोकों में क्या मौलिक अंतर है?कृतक लोक (भूलोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक) प्रलय में पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। अकृतक लोक (महर्लोक आदि) प्रलय से आंशिक रूप से ही प्रभावित होते हैं।#कृतक#अकृतक#भुवर्लोक
लोकक्या जनलोक प्रलय में नष्ट होता है?नहीं, जनलोक नैमित्तिक प्रलय में नष्ट नहीं होता।#जनलोक#प्रलय#अकृतक
लोकजनलोक को अकृतक क्यों कहा जाता है?जनलोक प्रलय की अग्नि से अछूता और अविनाशी रहता है, इसलिए अकृतक कहलाता है।#जनलोक#अकृतक#प्रलय