भक्ति, मंत्र और उपासना'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का क्या महत्व है?'ॐ नमो नारायणाय' = अष्टाक्षर मंत्र (8 अक्षर)। नारायण उपनिषद और अथर्वशिर उपनिषद में महिमा। जप से: जन्म-मरण बंधन से मुक्ति, वैकुंठ प्राप्ति, मानसिक स्पंदन शुद्ध, चित्त शांत, पाप नाश, अज्ञान से ज्ञान की ओर।#ॐ नमो नारायणाय#अष्टाक्षर मंत्र#वैकुंठ
मंत्र और स्तुतिमाँ पार्वती के पंचाक्षर और अष्टाक्षर मंत्र क्या हैं?पंचाक्षर: 'ॐ पार्वत्यै नमः'; अष्टाक्षर: 'ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः' — दोनों अत्यंत कल्याणकारी। महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...) भी शिव-शक्ति की संयुक्त उपासना का रूप है।
पूजा विधियोगिनी एकादशी पर कौन से खास मंत्रों का जाप करना चाहिए?इस दिन भगवान विष्णु के 'अष्टाक्षर मंत्र' (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) का जाप सबसे प्रभावशाली होता है। साथ ही 'विष्णु सहस्रनाम' का पाठ भी जरूर करना चाहिए।#मंत्र जाप#अष्टाक्षर मंत्र#विष्णु गायत्री