विस्तृत उत्तर
पूजन और रात्रि जागरण के समय शास्त्रों में विशेष मंत्रों का विधान है। सबसे प्रभावशाली और मुख्य मंत्र 'अष्टाक्षर मंत्र' (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) है, जिसका जाप लगातार करना चाहिए। इसके अलावा 'विष्णु गायत्री मंत्र' (ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात) का जाप और 'विष्णु सहस्रनाम' व 'श्रीमद्भगवद्गीता' का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है।





