हवन विधिआघारावाज्यभागाहुति क्या है?आघारावाज्यभागाहुति = अग्नि को सम्यक् प्रज्वलित करने के लिए वेदी के 4 स्थानों पर घी की आहुति: उत्तर = अग्नि (ज्ञान-प्रकाश); दक्षिण = सोम (शीतलता-शांति); मध्य = प्रजापति (सृजन); मध्य पुनः = इंद्र (शक्ति)। हर आहुति के बाद 'इदन्न मम'।#आघारावाज्यभागाहुति#घृत धार#उत्तर दक्षिण मध्य