लोकवसु से आदित्य तक पितृ की आध्यात्मिक यात्रा कैसे होती है?पितृ पहले वसु स्थूल स्तर, फिर रुद्र प्राणिक शुद्धि और अंत में आदित्य प्रकाशमय मोक्षोन्मुख अवस्था तक पहुँचता है।#वसु से आदित्य#पितृ यात्रा#आध्यात्मिक यात्रा
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्वमूलाधार चक्र और माँ शैलपुत्री का क्या संबंध है?माँ शैलपुत्री की आराधना से मूलाधार चक्र की शक्तियाँ जाग्रत होती हैं → साधक की आध्यात्मिक यात्रा का प्रारंभ।#मूलाधार चक्र#आध्यात्मिक यात्रा#शक्ति जागरण