परिचय और स्वरूपमाँ मातंगी को उच्छिष्ट चांडालिनी क्यों कहते हैं?माँ मातंगी का नाम 'उच्छिष्ट चांडालिनी' या 'महा-पिशाचिनी' = सामाजिक बंधनों से परे, अपवित्रता और परिधि से जुड़ा तांत्रिक स्वरूप। उच्छिष्ट को साधना का अंग बनाने से शुद्धता-अशुद्धता के द्वंद्व से मुक्ति और गहन तांत्रिक ज्ञान।#उच्छिष्ट चांडालिनी#महा-पिशाचिनी#सामाजिक वर्जना