शिव-सती-पार्वती कथाशिव ने तीसरे नेत्र से कामदेव को भस्म किया — इस कथा का विस्तार क्या हैकामदेव बसंत और रति के साथ आए, पुष्प-बाण से शिव की समाधि भंग की। क्रोधित शिव के तृतीय नेत्र से अग्नि निकली और कामदेव भस्म हुए। इसी दिन से होलाष्टक के आठ दिनों का आरंभ माना जाता है।#कामदेव भस्म विस्तार#तीसरा नेत्र#पुष्प बाण