लोकरसातल लोक में समय का डर क्यों नहीं होता?रसातल में दिन-रात नहीं हैं, इसलिए समय का भय नहीं होता और निवासी भोग में समय की गति भूल जाते हैं।#रसातल समय#काल भय#दिन रात
लोकरसातल लोक में दिन और रात क्यों नहीं होते?रसातल में सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता, इसलिए दिन-रात का प्राकृतिक विभाजन नहीं होता।#रसातल दिन रात#समय#सूर्य प्रकाश
लोकवितल लोक के निवासियों को समय का डर क्यों नहीं होता?वितल में दिन-रात का विभाजन नहीं है, इसलिए निवासियों को समय बीतने का भान और काल का भय नहीं होता।#वितल समय#काल भय#दिन रात
लोकवितल लोक में दिन और रात क्यों नहीं होते?वितल लोक में सूर्य का सीधा प्रकाश और सूर्योदय-सूर्यास्त नहीं होता, इसलिए दिन-रात का भेद नहीं है।#वितल दिन रात#समय#सूर्यास्त
लोकसुतल लोक में समय का डर क्यों नहीं होता?सुतल में दिन-रात का विभाजन नहीं है, इसलिए वहाँ समय बीतने, मृत्यु और बुढ़ापे का सामान्य भय नहीं होता।#सुतल समय#काल भय#दिन रात
लोकसुतल लोक में दिन और रात क्यों नहीं होते?सुतल लोक में सूर्य का प्रत्यक्ष प्रकाश नहीं पहुँचता, इसलिए वहाँ पृथ्वी जैसा दिन-रात का क्रम नहीं होता।#सुतल दिन रात#काल भय#सूर्य प्रकाश