पूजा विधि एवं कर्मकांडकुश का आसन पूजा में क्यों प्रयोग करते हैंकुश आसन मंत्र-सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ है — यह पाप-नाशक घास है जिसमें त्रिमूर्ति का वास माना जाता है। यह विद्युत का कुचालक है इसलिए साधना की शक्ति भूमि में नहीं जाती। कुश पर बैठकर जप से अनंत गुना फल मिलता है।#कुश आसन#कुशासन#मंत्र सिद्धि
मंत्र सिद्धिमंत्र सिद्धि के दौरान कौन सा आसन उपयोग करें?श्रेष्ठता क्रम: ऊनी कम्बल (सर्वाधिक व्यावहारिक — ऊर्जा संरक्षण), कुशासन (वेद-विहित), रेशम (देवी-साधना)। व्याघ्र/मृगचर्म — शास्त्रोक्त परंतु वन्यजीव कानून से वर्जित। प्लास्टिक/रबर सख्त वर्जित। मुद्रा: सिद्धासन या पद्मासन। पूरे अनुष्ठान में एक ही आसन।
शिव पूजाशिव पूजा के दौरान कौन सा आसन उपयोग करें?शिव पूजा आसन: कुशासन — सर्वश्रेष्ठ (पृथ्वी-ऊर्जा रोकता है)। ऊनी आसन — ऊर्जा-संरक्षण। सूती — गृहस्थ के लिए। पूर्व/उत्तर की ओर मुख। सुखासन/पद्मासन। केवल पूजा में उपयोग, अन्यत्र नहीं। नियमित शुद्ध रखें।#शिव पूजा#आसन#कुशासन