गुरु तत्व और गुरु कृपा'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः' श्लोक का क्या अर्थ है?'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः...' का अर्थ: गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं, गुरु ही महेश्वर हैं, गुरु ही साक्षात् परब्रह्म हैं — ऐसे श्रीगुरु को नमन।#गुरुर्ब्रह्मा#ब्रह्मा विष्णु महेश#परब्रह्म
गुरु तत्व और गुरु कृपागुरु गीता में गुरु के बारे में क्या कहा गया है?गुरु गीता (स्कंद पुराण): 'गुरुर्ब्रह्मागुरुर्विष्णुःगुरुर्देवोमहेश्वरः। गुरुःसाक्षात्परब्रह्म...' — गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु, महेश और साक्षात परब्रह्म हैं।
गुरु-शिष्य परंपरागुरु क्या होता है?गुरु वह है जो अज्ञान के अंधकार को हटाकर ज्ञान का प्रकाश देता है। शास्त्रों में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के तुल्य माना गया है। मुण्डकोपनिषद के अनुसार ब्रह्मज्ञान के लिए वेदज्ञाता और ब्रह्मनिष्ठ गुरु के पास जाना अनिवार्य है।#गुरु#आध्यात्मिक मार्गदर्शक#गुरु-शिष्य