लोकशिशुमार चक्र क्या है?शिशुमार चक्र भगवान वासुदेव का विराट ब्रह्मांडीय स्वरूप है जिसमें समस्त ग्रह, नक्षत्र और तारे विभिन्न अंगों में स्थित हैं। इसकी धुरी ध्रुवलोक है।#शिशुमार चक्र#ध्रुवलोक#ग्रह नक्षत्र
लोकशिशुमार चक्र क्या है?शिशुमार चक्र भगवान वासुदेव का विराट ब्रह्मांडीय स्वरूप है जिसमें समस्त ग्रह, नक्षत्र और तारे विभिन्न अंगों में स्थित हैं। इसकी धुरी ध्रुवलोक है।#शिशुमार चक्र#स्वर्लोक
उत्पत्ति की कथामाँ कूष्मांडा और सूर्यलोक का क्या संबंध है?माँ कूष्मांडा और सूर्यलोक: देवी भगवत पुराण — सूर्यमंडल में निवास करके अपनी ऊर्जा से सूर्य सहित समस्त ग्रह-नक्षत्रों को तेज दिया। एकमात्र शक्ति जो सूर्यलोक के भीतरी भाग में निवास कर सकती हैं। उनके तेज से ही सूर्य प्रकाशमान होता है।#सूर्यलोक#सूर्य ऊर्जा#देवी भगवत पुराण