विस्तृत उत्तर
देवी भगवत पुराण में वर्णन आता है कि आदिशक्ति ने सूर्यमंडल के भीतर निवास कर अपनी ऊर्जा से सूर्य सहित समस्त ग्रह-नक्षत्रों को तेज प्रदान किया।
देवी कूष्मांडा ही एकमात्र शक्ति हैं जो सूर्यलोक के भीतरी भाग में निवास करने की क्षमता रखती हैं।
शास्त्रों में वर्णन है कि माँ कूष्मांडा सूर्य मंडल में निवास करती हैं और उनके तेज से ही सूर्य प्रकाशमान होता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





