साधना अनुभवमंत्र जप के दौरान अचानक शांति का अनुभव होने का अर्थ क्या है?अर्थ: (1) चित्त वृत्ति निरोध=योग झलक (2) मंत्र शक्ति प्रमाण (कम्पन लय) (3) जप→ध्यान स्वतः प्रवेश (4) अजपा जप (प्रयास-रहित)। करें: शांति में रहें — जबरदस्ती जप नहीं। शांति=जप फल। जप→शांति→जप चक्र=प्रगति। नारद: 'तृप्त हो जाता है।'#शांति#मंत्र जप#निर्विचार
साधना अनुभवमंत्र जप के दौरान अचानक शांति का अनुभव होने का अर्थ क्या है?अर्थ: (1) चित्त वृत्ति निरोध=योग झलक (2) मंत्र शक्ति प्रमाण (कम्पन लय) (3) जप→ध्यान स्वतः प्रवेश (4) अजपा जप (प्रयास-रहित)। करें: शांति में रहें — जबरदस्ती जप नहीं। शांति=जप फल। जप→शांति→जप चक्र=प्रगति। नारद: 'तृप्त हो जाता है।'