लोकसत्यलोक भौतिक और आध्यात्मिक जगत के बीच 'अंतिम सेतु' क्यों है?सत्यलोक एक ओर भौतिक ब्रह्मांड का शिखर है और दूसरी ओर शाश्वत वैकुंठ की शुरुआत। यहाँ से भौतिकता समाप्त होती है और शाश्वत आध्यात्मिकता आरंभ होती है — इसीलिए यह अंतिम सेतु है।#अंतिम सेतु#सत्यलोक#भौतिक
लोकसत्यलोक भौतिक ब्रह्मांड की सीमा क्यों है?सत्यलोक भौतिक ब्रह्मांड का सर्वोच्च बिंदु है। इसके ऊपर आवरण पार होने पर चिदाकाश (शाश्वत वैकुंठ) शुरू होता है। यह भौतिक और आध्यात्मिक जगत की अंतिम सीमा है।#सत्यलोक
लोकसत्यलोक के ऊपर क्या है?सत्यलोक के ऊपर 2,62,00,000 योजन की दूरी पर शाश्वत वैकुंठ लोक है जो भौतिक ब्रह्मांड की सीमा के पार, प्रलय से मुक्त और सनातन है।#सत्यलोक#वैकुंठ#ऊपर