तांत्रिक विश्व दृष्टि और तीन भावतंत्र शास्त्र साधकों को कितने भावों में वर्गीकृत करता है?तंत्र शास्त्र साधकों को तीन भावों में वर्गीकृत करता है: (1) पशु-भाव — बंधनों में जकड़ा, (2) वीर-भाव — भय का सीधा सामना करने वाला, (3) दिव्य-भाव — दिव्यता-प्रेम-करुणा में स्थित।#तीन भाव#पशु वीर दिव्य#तंत्र वर्गीकरण