स्नान विधिमकर संक्रांति पर तीर्थ स्नान का क्या महत्व है?मकर संक्रांति पर गंगा, यमुना या प्रयागराज जैसे पवित्र संगम पर तीर्थ स्नान = 'ब्रह्मलोक' की प्राप्ति।#तीर्थ स्नान#प्रयागराज#गंगा यमुना
आध्यात्मिक ज्ञाननदी में स्नान करने का आध्यात्मिक महत्व क्या है?नदी स्नान: पाप क्षय (मानसिक-वाचिक-कायिक), पंचतत्व शुद्धि, प्राणशक्ति प्राप्ति, आत्मिक शांति। सप्त पवित्र नदियाँ (गंगा, यमुना, सरस्वती...) विशेष पुण्यदायी। प्रातःकाल तीन डुबकी। कुम्भ, संक्रांति, ग्रहण पर करोड़गुना फल।#नदी स्नान
प्रसिद्ध मंदिररामेश्वरम मंदिर के 22 कुंडों का क्या महत्व है?22 कुंड: प्रत्येक भिन्न पाप/दोष निवारण से जुड़ा। रामायण: राम ने ब्रह्महत्या प्रायश्चित्त हेतु शिवलिंग स्थापित। आश्चर्य: सभी एक परिसर में फिर भी भिन्न स्वाद (भिन्न खनिज)। विधि: क्रमानुसार 22 कुंडों में स्नान = सर्वपाप क्षय। चार धाम यात्रा में अनिवार्य।#रामेश्वरम#22 कुंड#तीर्थ स्नान