सती और रुद्रपुत्री को पुन्नामक नरक से रक्षा करने वाली क्यों कहा गया?ब्रह्मा ने दक्ष से सती की सेवा करने को कहा और पाठ में पुत्री को पुन्नामक नरक से रक्षा करने वाली बताया गया।#पुत्री#पुन्नामक नरक#सती
सती और रुद्रसती दक्ष की पुत्री कैसे बनीं?सती शिवसम्भवा मानसी पुत्री थीं; ब्रह्मा ने दक्ष से कहा कि अबसे यह सती तुम्हारी पुत्री होगी।#सती#दक्ष#शिवसम्भवा
मनु और शतरूपाआकूति और प्रसूति कौन थीं?आकूति और प्रसूति मनु-शतरूपा की कन्याएँ थीं; आकूति ज्येष्ठ और प्रसूति छोटी कही गई हैं।#आकूति#प्रसूति#मनु पुत्री
ऋषि और मानस पुत्रमरीचि, भृगु, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, दक्ष, अत्रि और वसिष्ठ कौन थे?ये ब्रह्मा की योगविद्या से उत्पन्न नौ ब्रह्मवादी ऋषि और मानस पुत्र थे।#मरीचि#भृगु#अंगिरा
ऋषि और मानस पुत्रब्रह्मा के नौ मानस पुत्र कौन थे?ब्रह्मा के नौ मानस पुत्र मरीचि, भृगु, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, दक्ष, अत्रि और वसिष्ठ थे।#ब्रह्मा के मानस पुत्र#मरीचि#भृगु
विश्वेदेवक्रतु-दक्ष विश्वेदेव क्या हैं?क्रतु और दक्ष विश्वेदेवों की एक जोड़ी हैं, जो पार्वण श्राद्ध में पुरूरवा-आर्द्रव के विकल्प के रूप में आहूत होते हैं। क्रतु एक प्राचीन ऋषि थे, और दक्ष एक महान प्रजापति। दोनों यज्ञ-कर्म के विशेष ज्ञाता थे। इनकी उपस्थिति श्राद्ध को यज्ञ-स्वरूप बनाती है। शास्त्रों में अथवा शब्द से दोनों जोड़ियों को विकल्प के रूप में रखा गया है, और स्थानीय परम्परा के अनुसार किसी एक की स्थापना की जा सकती है।#क्रतु#दक्ष#विश्वेदेव जोड़ी
रामचरितमानस — बालकाण्डदक्ष प्रजापति ने शिवजी की निन्दा क्या कहकर की?दक्ष ब्रह्मसभा से शिवजी पर नाराज़ थे और यज्ञ में उनकी निन्दा की। सतीजी ने सभा को चेतावनी दी — जिन्होंने शिवनिन्दा की या सुनी, उन सबको तुरन्त फल मिलेगा और पिता दक्ष भी पछतायेंगे।#बालकाण्ड#दक्ष#शिव निन्दा