दिव्यास्त्रपाशुपतास्त्र क्यों बनाया गया था?पाशुपतास्त्र दैत्यों के दमन और धर्म की स्थापना के लिए बनाया गया था। युगांत में भगवान शिव इसी से सृष्टि का विनाश करते हैं ताकि नया सृजन हो सके।#पाशुपतास्त्र#उद्देश्य#धर्म स्थापना
नाम और स्वरूपमाँ कात्यायनी को 'महिषासुरमर्दिनी' क्यों कहते हैं?'महिषासुरमर्दिनी' = माँ कात्यायनी ने महिषासुर का वध किया। विनाशिनी शक्ति = पापियों के संहार के लिए अवतरण। अवतार का उद्देश्य: धर्म की स्थापना और पाप का नाश।#महिषासुरमर्दिनी
दिव्य स्वरूप और प्रतीकचक्र (सुदर्शन) का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?सुदर्शन चक्र = भगवान विष्णु का प्रदान। प्रतीक: काल (समय) चक्र की निरंतरता, धर्म की स्थापना और संपूर्ण ब्रह्मांड के पालन का द्योतक।#सुदर्शन चक्र#काल चक्र#धर्म स्थापना
नवग्रहों का देव स्वरूपराहु-केतु की कथा का क्या संदेश है?राहु-केतु की कथा का संदेश: ब्रह्मांडीय व्यवस्था में अधर्म से जन्मी शक्तियों को भी धर्म की स्थापना के लिए नियोजित कर लिया जाता है।#राहु केतु संदेश#अधर्म शक्ति#धर्म स्थापना