श्राद्ध एवं पितृ कर्मपितृपक्ष में नए कपड़े खरीदना शुभ है या अशुभपितृपक्ष में नई खरीदारी = अशुभ (लोक मान्यता)। कपड़े, आभूषण, शुभ कार्य वर्जित। कारण: पितर श्रद्धा काल, उत्सव नहीं। शास्त्रीय स्पष्ट निषेध नहीं — लोक परंपरा। अत्यावश्यक = खरीद सकते।#पितृपक्ष#नए कपड़े#खरीदना
दैनिक आचारनए कपड़े पहनने से पहले भगवान को दिखाना चाहिए क्याहाँ (लोक परंपरा) — कृतज्ञता, दृष्टि दोष निवारण, पवित्रता। मूर्ति सामने रखें, 'ॐ' बोलें, फिर पहनें। शास्त्रीय अनिवार्यता नहीं, पर कृतज्ञता सदैव शुभ।#नए कपड़े
स्वप्न शास्त्रसपने में नए कपड़े पहनने का अर्थनए कपड़े = शुभ। नई शुरुआत, सम्मान, उत्सव, आत्म-परिवर्तन, आर्थिक सुधार। सुंदर=सफलता; सफेद=शांति; रंगीन=उत्साह। गीता 2.22: शरीर=वस्त्र, आत्मा वस्त्र बदलती है।#नए कपड़े#सपना#शुभ