ध्यान साधनाध्यान और समाधि में क्या भेद है?ध्यान: 'मैं ध्यान कर रहा' (ध्याता-ध्येय अलग, प्रयास, सीमित)। समाधि: 'मैं' विलय (त्रिपुटी एक, प्रयास-रहित, कालातीत)। योगसूत्र: ध्यान=निरंतर प्रवाह, समाधि=केवल ध्येय शेष। उपमा: ध्यान=तेल धारा, समाधि=नदी-सागर विलय। ध्यान=अभ्यास, समाधि=फल (स्वतः)।#ध्यान#समाधि#सम्प्रज्ञात
शिव तत्त्वशिव को जगत का बीज क्यों कहा गया है?शिव को बीजरहित होकर भी जगत् का बीज यानी मूल कारण कहा गया है।#शिव#जगत बीज#बीज
ध्यान साधनाध्यान और समाधि में क्या भेद है?ध्यान: 'मैं ध्यान कर रहा' (ध्याता-ध्येय अलग, प्रयास, सीमित)। समाधि: 'मैं' विलय (त्रिपुटी एक, प्रयास-रहित, कालातीत)। योगसूत्र: ध्यान=निरंतर प्रवाह, समाधि=केवल ध्येय शेष। उपमा: ध्यान=तेल धारा, समाधि=नदी-सागर विलय। ध्यान=अभ्यास, समाधि=फल (स्वतः)।#ध्यान#समाधि#सम्प्रज्ञात