दिव्यास्त्रवासवी शक्ति की शर्तों का पालन न करने पर क्या होता?शर्तों का पालन न करने पर वासवी शक्ति स्वयं चलाने वाले पर ही चल जाती। यह दोधारी अस्त्र था जो गलत समय पर प्रयोग करने पर खुद कर्ण को ही नष्ट कर देता।#वासवी शक्ति#शर्त उल्लंघन#परिणाम
लोकतलातल लोक से भोग-विलास का क्या परिणाम समझ आता है?तलातल दिखाता है कि भोग-विलास अस्थायी है और ईश्वर-विस्मरण से जन्म-मरण का चक्र बना रहता है।#तलातल#भोग-विलास#परिणाम
जीवन एवं मृत्युपाप करने से क्या परिणाम होता है?पाप के परिणाम — इस जन्म में रोग-दुर्भाग्य, मृत्यु में पीड़ा, यमलोक में लेखा, नरक में विशिष्ट यातना और अधम योनि में पुनर्जन्म। 'मनुष्य के कर्म ही उसके भविष्य का निर्माण करते हैं।'#पाप#परिणाम#कर्मफल
जप और जीवनक्या मंत्र जप से जीवन बदल सकता है?हाँ, मंत्र जप से जीवन बदलता है। ध्रुव (बालक जप → ध्रुव तारा), प्रह्लाद (नाम स्मरण → नृसिंह), वाल्मीकि (मरा-मरा → महर्षि)। जप से: मन शांत → बेहतर निर्णय → बेहतर जीवन। संस्कार बनता है — धीरे-धीरे पूरा जीवन बदलता है।#जीवन परिवर्तन#संस्कार#आदत