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पशु-धन से जुड़े सभी प्रश्न(3)

पशु-धन पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 3 प्रश्न उपलब्ध हैं।

श्राद्ध फल

क्या द्वितीया श्राद्ध से वाहन भी मिलता है?

हाँ, द्वितीया श्राद्ध से अश्व जैसे वाहन भी मिल सकते हैं। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.264 के अनुसार द्वितीया का पशू वै फल गौ, अश्व आदि की प्राप्ति है। श्लोक में एकशफं यानी एक खुर वाला पशु यानी घोड़ा भी समाहित है। आधुनिक संदर्भ में पशू वै सम्पूर्ण भौतिक समृद्धि - वाहन, घर, सम्पत्ति - का प्रतीक है। परंतु वाहन का मुख्य काम्य फल तृतीया श्राद्ध से जुड़ा है, जिसमें अश्व आदि वाहनों की विशेष प्राप्ति होती है।

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श्राद्ध फल

द्वितीया से पशु-धन कैसे मिलता है?

द्वितीया श्राद्ध से पशु-धन पितरों के आशीर्वाद से प्राप्त होता है। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.264 के अनुसार द्वितीया को श्राद्ध करने वाले गृहस्थ को पशू वै यानी निश्चित रूप से उत्तम कोटि के पशु-धन यानी गौ, अश्व आदि की प्राप्ति होती है। आधुनिक संदर्भ में यह वाहन, घर, सम्पत्ति, उद्योग आदि सम्पूर्ण भौतिक समृद्धि का प्रतीक है। काम्य भावना और पूर्ण विधि-विधान से श्राद्ध करने पर पितर तृप्त होकर यह आशीर्वाद देते हैं।

#पशु-धन#गौ अश्व#द्वितीया फल
श्राद्ध फल

द्वितीया श्राद्ध से कौन सा विशेष फल मिलता है?

द्वितीया श्राद्ध से दो विशेष काम्य फल मिलते हैं - कन्यावेदिन यानी अत्यंत सुयोग्य, श्रेष्ठ और धर्मनिष्ठ दामाद की प्राप्ति, और पशू वै यानी उत्तम कोटि के पशु-धन यानी गौ, अश्व आदि की प्राप्ति। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.264 में यह स्पष्ट है। यह तिथि सन्तान के विवाह की बाधाओं को दूर करने और आर्थिक समृद्धि के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

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