पारण विधियोगिनी एकादशी व्रत खोलने (पारण) का सही समय क्या है?व्रत हमेशा अगले दिन (द्वादशी को) 'हरि वासर' (शुरुआती समय) बीतने के बाद सुबह खोलना चाहिए। व्रत खोलने से पहले ब्राह्मण को भोजन कराना और दान देना शुभ होता है।#पारण का समय#हरि वासर#द्वादशी
पारण विधिएकादशी व्रत खोलने (पारण) का सही समय क्या है?व्रत हमेशा अगले दिन (द्वादशी को) 'हरि वासर' (शुरुआती समय) बीतने के बाद सुबह के समय ही खोलना चाहिए। दोपहर के समय व्रत नहीं खोलना चाहिए।#पारण का समय#हरि वासर
पारण विधिएकादशी व्रत खोलने (पारण) का सही समय और नियम क्या है?व्रत अगले दिन (द्वादशी) हरि वासर बीतने के बाद खोलना चाहिए। व्रत खोलने से पहले ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए। व्रत हमेशा 'चावल' खाकर खोलना चाहिए, क्योंकि द्वादशी को चावल भगवान का प्रसाद बन जाता है।#पारण का समय#हरि वासर#चावल का प्रसाद
पारण विधिएकादशी का व्रत कैसे खोलें (पारण का समय) और 'हरिवासर' का नियम क्या है?व्रत अगले दिन (द्वादशी) की सुबह सूरज निकलने के बाद ही खोलना चाहिए। द्वादशी के शुरुआती समय ('हरिवासर') में व्रत नहीं खोलते। व्रत खोलने के लिए चरणामृत और तुलसी का इस्तेमाल करना चाहिए।#पारण का समय#हरिवासर#व्रत खोलना