अनुष्ठान की पात्रता और नियमयदि रोगी स्वयं जप न कर सके तो क्या होता है?यदि रोगी चिकित्सालय में या कोमा में हो तो कोई अन्य साधक उसके नाम और गोत्र का उच्चारण करके संकल्प ले सकता है और अपने तप का पुण्य उस रुग्ण व्यक्ति के खाते में स्थानांतरित कर सकता है।#रोगी की ओर से जप#नाम गोत्र#पुण्य स्थानांतरण