लोकप्रपितामह के तर्पण में आदित्यरूप क्यों कहा जाता है?प्रपितामह तीसरी पीढ़ी और उच्चतम प्रकाशमय पितृ अवस्था है, इसलिए तर्पण में उसे आदित्यरूप कहा जाता है।#प्रपितामह तर्पण#आदित्यरूप#आदित्य