श्रीमद्भागवतमाया दूर होने पर जीव को क्या अनुभव होता है?जब अविद्या से बना स्थूल-सूक्ष्म शरीर का आरोप मिटता है, तब ब्रह्म का साक्षात्कार होता है और जीव अपनी स्वरूप-महिमा में स्थित होता है।#माया#जीव#आत्मज्ञान