दिव्यास्त्रब्रह्मास्त्र कैसे चलाया जाता थाब्रह्मास्त्र को विशेष मंत्रों से अभिमंत्रित कर धनुष से चलाया जाता था। गुरु-शिष्य परंपरा में मंत्र-दीक्षा मिलने के बाद ही इसका संधान संभव था। मंत्र जानने वाला इसे वापस भी ले सकता था।#ब्रह्मास्त्र विधि#मंत्र#धनुष