वामाचार और दक्षिणाचारमाँ धूमावती की साधना वामाचारी क्यों मानी जाती है?धूमावती साधना वामाचारी क्यों: उग्र कोटि की देवी। श्मशान साधना + अपवित्र वस्तुओं का प्रयोग + अलक्ष्मी-ज्येष्ठा संबद्धता = वामाचार संकेत। भैरवी-छिन्नमस्ता-धूमावती = वामाचारी प्रक्रिया। गुरु निर्देशन में घर से दूर करें।#वामाचार#श्मशान साधना#उग्र कोटि