तंत्र साधनास्पर्श दीक्षा और मंत्र दीक्षा में क्या अंतर है?
मंत्र दीक्षा: गुरु कान में मंत्र देता है — शिष्य जप से शक्ति जागृत, क्रमिक प्रभाव, सामान्य। स्पर्श दीक्षा (शक्तिपात): गुरु स्पर्श से शक्ति प्रवाहित — तत्काल अनुभूति, अत्यन्त दुर्लभ, केवल सिद्ध गुरु से। अन्य: दृष्टि दीक्षा, मानसी दीक्षा, शाम्भवी। दीक्षा = साधना का अनिवार्य प्रथम चरण।
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