मंत्र और स्तोत्रपिंगलेश्वर शिवलिंग की पूजा में किन मंत्रों का जाप करना चाहिए?सुषुम्ना नाड़ी जाग्रत करने के लिए 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना चाहिए। इसके अलावा 'काशी विश्वनाथ ध्यान मंत्र' और 'लिंगाष्टकम' का पाठ जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट करता है।#ॐ नमः शिवाय#काशी विश्वनाथ ध्यान मंत्र#लिंगाष्टकम
पुरश्चरणपुरश्चरण क्या होता है?मंत्रमहार्णव: पुरश्चरण = मंत्र का परम जीवन। परिभाषा: शास्त्र-निर्धारित संख्या में नियमबद्ध जप + पाँच सहायक क्रियाएं (हवन-तर्पण-मार्जन-ब्राह्मण भोजन)। कुलार्णव: बिना पुरश्चरण जप = करोड़ों कल्पों में भी फल नहीं। यह मंत्र को 'सिद्ध' करने की पूर्ण प्रक्रिया है।
बीज मंत्रबीज मंत्र सिद्धि कैसे प्राप्त करें?कुलार्णव: बिना दीक्षा सिद्धि नहीं। पाँच शर्तें: गुरु-दीक्षा, पुरश्चरण (अक्षर × 1000 जप), तर्पण-हवन-अभिषेक-ब्राह्मण भोजन, नियम-पालन (ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार), निष्काम भाव। सिद्धि के लक्षण: विशेष गंध/प्रकाश, स्वप्न-दर्शन, स्वतः-स्फुरण।#बीज मंत्र सिद्धि#मंत्र साधना#अनुष्ठान