पुण्यकालमकर और कर्क संक्रांति का पुण्यकाल अन्य संक्रांतियों से अलग क्यों है?हेमाद्रि और माधव: अन्य संक्रांतियाँ रात्रि में हो तो पुण्यकाल अगले दिन जाता है। परंतु मकर (उत्तरायण) और कर्क (दक्षिणायन) संक्रांति का पुण्यकाल रात्रि में भी पूरे दिन मान्य — क्योंकि ये उत्तरायण/दक्षिणायन के प्रारंभ = ब्रह्मांडीय महत्त्व।#मकर कर्क संक्रांति#उत्तरायण दक्षिणायन#विशेष माहात्म्य