स्नान विधिमकर संक्रांति पर स्नान का क्या महत्व है?मकर संक्रांति पर स्नान = नित्य कर्म। धर्मसिंधु: स्नान न करने से 7 जन्म तक दरिद्र और रोगी। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान = 10,000 गोदान का पुण्य।#मकर संक्रांति स्नान#नित्य कर्म#धर्मसिंधु