ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

मरणासन्न से जुड़े सभी प्रश्न(6)

मरणासन्न पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 6 प्रश्न उपलब्ध हैं।

अंतिम संस्कार

मरणासन्न व्यक्ति के कान में क्या बोलना चाहिए?

'राम राम', 'ॐ नमो नारायणाय', 'ॐ नमः शिवाय', इष्ट देव नाम। दाहिने कान में, शांत-प्रेमपूर्ण स्वर, बार-बार। गीता (8.5): अंतिम स्मरण = अगला जन्म। शांतिपूर्ण वातावरण दें।

#मरणासन्न#कान में मंत्र#राम नाम
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मरणासन्न व्यक्ति के पास शालिग्राम शिला क्यों रखी जाती है?

शालिग्राम शिला मृत्यु-समय की पवित्रता और पारलौकिक शुद्धता के विधान में रखी जाती है।

#शालिग्राम शिला#मरणासन्न#मृत्यु संस्कार
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मरणासन्न व्यक्ति के हाथों पर तुलसी क्यों रखी जाती है?

मरणासन्न व्यक्ति के हाथों पर तुलसी रखना मृत्यु-समय की शास्त्रीय पवित्रता-विधि का भाग है।

#तुलसी#मरणासन्न#मृत्यु विधि
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मृत्यु के समय कुशा क्यों बिछाई जाती है?

कुशा मरणासन्न व्यक्ति को पवित्र भूमि पर स्थापित करने के शास्त्रीय विधान का भाग है।

#कुशा#मरणासन्न#गरुड़ पुराण
अंत्येष्टि एवं मृत्यु संस्कार

गरुड़ पुराण के नवें अध्याय में मरणासन्न व्यक्ति के लिए क्या करना चाहिए?

गरुड़ पुराण के नवें अध्याय में बताया गया है कि मरणासन्न व्यक्ति को तुलसी के पास गोबर से बने मण्डल में, कुश बिछाकर भूमि पर लिटाएँ। मुख में तुलसी-मंजरी, शालिग्राम का चरणामृत और तिल दें। नारायण-नाम का कीर्तन करते रहें।

#मरणासन्न#गरुड़ पुराण#नवाँ अध्याय
अंतिम संस्कार

मरणासन्न व्यक्ति को गंगाजल क्यों पिलाते हैं?

गंगा = पापनाशिनी (स्कंद पुराण)। गरुड़ पुराण: गंगाजल आत्मा शुद्ध करता है। मोक्ष सहायक (विष्णु चरण जल)। मुख में तुलसी+गंगाजल बूँदें। गंगाजल न हो = शुद्ध जल+तुलसी। भाव प्रधान।

#गंगाजल#मरणासन्न#मोक्ष
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।