लोकमाता को वसु स्वरूपा क्यों माना जाता है?मातृ-पक्ष में प्रथम पीढ़ी माता है; इसलिए पिता की तरह वह वसु स्वरूपा मानी जाती है।#माता#वसु स्वरूपा#मातृ वंश
लोकमातृ वंश में वसु-रुद्र-आदित्य वर्गीकरण कैसे लागू होता है?मातृ वंश में माता वसु, मातामही रुद्र और प्रमातामही आदित्य स्वरूपा मानी जाती हैं।#मातृ वंश#वसु रुद्र आदित्य#माता
चन्द्रमा और चन्द्रदोषचन्द्रमा किस चीज का कारक है?चन्द्रमा माता, भावनाओं, मानसिक स्वास्थ्य, सुख और तरल पदार्थों का कारक है। दार्शनिक रूप से यह मन का अधिष्ठाता देव है — मन की स्थिरता शांति और चंचलता दुखों का मूल है।#चन्द्रमा कारक#माता#मन