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विस्तृत उत्तर
माता को वसु स्वरूपा इसलिए माना जाता है क्योंकि मातृ-वंश पर भी वही त्रि-स्तरीय पितृ वर्गीकरण लागू होता है जो पितृ-पक्ष पर लागू होता है। जिस प्रकार पितृ-पक्ष में प्रथम पीढ़ी पिता को वसु स्वरूप माना जाता है, उसी प्रकार मातृ-पक्ष में प्रथम पीढ़ी माता को वसु स्वरूपा माना गया है। वसु प्रथम, निकटतम और स्थूल भौतिक संबंध का स्तर है। माता भी जीव के शरीर, जन्म और निकटतम पारिवारिक संबंध से जुड़ी प्रथम पीढ़ी है, इसलिए वह वसु स्वरूपा मानी जाती है।
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