लोकमाता की मृत्यु अष्टमी को हो तो श्राद्ध कब करें?मृत्यु अष्टमी हो तो अष्टमी पर।#माता श्राद्ध#अष्टमी#मृत्यु तिथि
लोकअष्टमी श्राद्ध किन पितरों के लिए होता है?अष्टमी को दिवंगत पितरों के लिए।#पितर#अष्टमी श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोकसामान्य मृत्यु का सप्तमी श्राद्ध कब करें?सामान्य सप्तमी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की सप्तमी को करें।
लोककृष्ण सप्तमी मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?कृष्ण सप्तमी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की सप्तमी को करें।#कृष्ण सप्तमी मृत्यु#सप्तमी श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोकसप्तमी श्राद्ध किसके लिए होता है?यह सप्तमी तिथि को दिवंगत पितरों के लिए होता है।#सप्तमी श्राद्ध किसके लिए#मृत्यु तिथि#पितर
लोकसामान्य मृत्यु का श्राद्ध कब करें?सामान्य मृत्यु का श्राद्ध मृत्यु तिथि पर करें।#सामान्य मृत्यु#मृत्यु तिथि#श्राद्ध
लोकप्रतिपदा को किसका श्राद्ध करें?प्रतिपदा मृत्यु तिथि वाले पितरों और नाना-नानी का श्राद्ध करें।#प्रतिपदा श्राद्ध#नाना नानी#मृत्यु तिथि
लोकप्रतिपदा श्राद्ध कब करें?प्रतिपदा मृत्यु तिथि वालों का श्राद्ध पितृ पक्ष की प्रतिपदा को करें।#प्रतिपदा श्राद्ध कब#मृत्यु तिथि#पितृ पक्ष
लोककृष्ण चतुर्थी मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?कृष्ण चतुर्थी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी को करें।#कृष्ण चतुर्थी मृत्यु#चतुर्थी श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोककृष्ण प्रतिपदा मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?कृष्ण प्रतिपदा मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की प्रतिपदा को करें।#कृष्ण प्रतिपदा मृत्यु#प्रतिपदा श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोकचतुर्थी श्राद्ध किसके लिए है?यह स्वाभाविक रूप से चतुर्थी तिथि को दिवंगत पितरों के लिए है।#चतुर्थी श्राद्ध किसके लिए#मृत्यु तिथि#स्वाभाविक मृत्यु
लोकप्रतिपदा श्राद्ध किसके लिए होता है?यह प्रतिपदा तिथि को दिवंगत पितरों और विशेष रूप से नाना-नानी के लिए किया जाता है।#प्रतिपदा श्राद्ध किसके लिए#मृत्यु तिथि#मातामह श्राद्ध
लोकमाता का तृतीया श्राद्ध कब करें?माता की मृत्यु तृतीया को हुई हो तो तृतीया श्राद्ध करें।#माता का श्राद्ध#तृतीया श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोककृष्ण तृतीया मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?कृष्ण तृतीया मृत्यु का श्राद्ध भी पितृ पक्ष की तृतीया को होता है।#कृष्ण तृतीया मृत्यु#तृतीया श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोकतृतीया को किसका श्राद्ध करें?तृतीया मृत्यु तिथि वाले पितरों का श्राद्ध तृतीया को किया जाता है।#तृतीया को किसका श्राद्ध#मृत्यु तिथि#पितर
लोकतृतीया श्राद्ध किसके लिए है?यह तृतीया तिथि को दिवंगत हुए पितरों के लिए किया जाता है।#तृतीया श्राद्ध किसके लिए#मृत्यु तिथि#पितर
श्राद्ध भेदवार्षिक एकोद्दिष्ट कब करते हैं?वार्षिक एकोद्दिष्ट हर साल पितर की मृत्यु तिथि पर किया जाता है। यह मृत्यु के ठीक एक वर्ष बाद यानी प्रथम वर्षी से शुरू होकर प्रतिवर्ष उसी मास और उसी तिथि पर लगातार किया जाता है। यदि मृत्यु ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को हुई थी, तो प्रतिवर्ष ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को ही श्राद्ध होगा। यह वंशज का स्थायी आजीवन कर्तव्य है।#वार्षिक एकोद्दिष्ट#बरसी#मृत्यु तिथि
श्राद्ध भेदक्षयाह श्राद्ध किसे कहते हैं?क्षयाह श्राद्ध वह वार्षिक श्राद्ध है जो किसी पितर की मृत्यु तिथि पर हर वर्ष किया जाता है। क्षय का अर्थ है मृत्यु और अह का अर्थ है दिन, यानी मृत्यु का दिन। यह एकोद्दिष्ट श्राद्ध का ही दूसरा नाम है। यदि मृत्यु द्वितीया को हुई थी, तो प्रतिवर्ष द्वितीया को क्षयाह होगा। इसमें केवल एक पिण्ड का दान होता है, और तीन पीढ़ियों का आवाहन नहीं होता।#क्षयाह श्राद्ध#मृत्यु तिथि#वार्षिक श्राद्ध
प्रतिपदा श्राद्धप्रतिपदा श्राद्ध किसका किया जाता है?प्रतिपदा श्राद्ध उन मृत सदस्यों (पिता/माता/दादा/दादी आदि) का होता है जिनकी मृत्यु किसी भी मास के शुक्ल/कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) को स्वाभाविक रूप से हुई हो। अकाल मृत्यु वालों का इस दिन वर्जित — उनका चतुर्दशी को। मातामह (नाना-नानी) श्राद्ध भी इसी दिन।#प्रतिपदा श्राद्ध#मृत्यु तिथि#वार्षिक श्राद्ध
श्राद्ध विधिपितृपक्ष में श्राद्ध कब करें — तिथि कैसे तय करें?मृत्यु की हिंदू तिथि = पितृ पक्ष की उसी तिथि पर श्राद्ध। तिथि न पता = सर्वपितृ अमावस्या। कुतुप काल (~11:36-12:24) सर्वोत्तम। .com से तिथि निकालें।#पितृपक्ष#श्राद्ध तिथि#मृत्यु तिथि