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विस्तृत उत्तर
नियम: जिस हिंदू तिथि (पंचांग) को पूर्वज की मृत्यु हुई, पितृ पक्ष की उसी तिथि को श्राद्ध करें।
तिथि निकालने का तरीका
- 1मृत्यु की अंग्रेजी तारीख से हिंदू तिथि निकालें।
- 2शुक्ल/कृष्ण पक्ष की गणना नहीं होती — केवल तिथि (प्रतिपदा से अमावस्या)।
- 3उदाहरण: यदि मृत्यु सावन शुक्ल पंचमी को हुई → पितृ पक्ष की पंचमी को श्राद्ध करें।
पितृ पक्ष अवधि: भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या = 15-16 दिन।
विशेष
- ▸तिथि न पता हो → सर्वपितृ अमावस्या (अंतिम दिन)।
- ▸महिला संतानहीन हो → पति का श्राद्ध स्वयं कर सकती है।
- ▸कुतुप काल (दोपहर ~11:36-12:24) = श्राद्ध का सर्वोत्तम समय।
श्राद्ध का समय: सुबह से दोपहर तक (कुतुप काल में उत्तम)। शाम/रात में श्राद्ध न करें।
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