मंत्र का स्वरूप और अर्थ'मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्' का क्या अर्थ है?'मृत्योर्मुक्षीय' = मृत्यु से मुक्त करें; 'मामृतात्' = 'मा' (नहीं) + 'अमृतात्' (अमरत्व से) — अर्थात् मुझे अमरत्व से दूर न करें, मुझे मोक्ष प्रदान करें।#मृत्योर्मुक्षीय#मामृतात्#मोक्ष