लोक“यथा पिण्डे तथा ब्रह्माण्डे” सिद्धांत में तपोलोक कैसे समझाया गया है?इस सिद्धांत में तपोलोक बाहरी ब्रह्मांड का लोक भी है और शरीर में ललाट या आज्ञा चक्र की चेतना भी।#यथा पिण्डे तथा ब्रह्माण्डे#तपोलोक#शरीर