शास्त्रीय प्रमाण और फलश्रुति'धर्मार्थकाममोक्षाख्या' श्लोक का क्या अर्थ है?'धर्मार्थकाममोक्षाख्या...' का अर्थ: रसराज (पारद) की कृपा से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थों की सिद्धि होती है, इसमें लेशमात्र संदेह नहीं।#धर्मार्थकाममोक्षाख्या#रसार्णव तंत्र#चार पुरुषार्थ
पारद शिवलिंग परिचय और माहात्म्यपारद शिवलिंग की महिमा क्या है?पारद शिवलिंग के दर्शन मात्र से हजार करोड़ शिवलिंग पूजन का फल मिलता है। रसार्णव तंत्र कहता है कि इससे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थ सिद्ध होते हैं।
पारद शिवलिंग परिचय और माहात्म्यपारद को 'रसराज' क्यों कहते हैं?पारद को 'रसराज' (सभी धातुओं का राजा) इसलिए कहते हैं क्योंकि इसे साक्षात् शिव का स्वरूप और भगवान शिव का 'वीर्य' (जीव-तत्व) माना गया है।#रसराज#धातुओं का राजा#पारद
पारद शिवलिंग परिचय और माहात्म्यपारद शिवलिंग क्या है?पारद (पारा) को साक्षात् शिव का स्वरूप, 'रसराज' और भगवान शिव का 'वीर्य' (जीव-तत्व) माना गया है — इससे निर्मित शिवलिंग 'रसलिंग' कहलाता है जो सभी शिवलिंगों से श्रेष्ठ है।#पारद शिवलिंग#रसलिंग#शिव स्वरूप